नत्थूपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
अमरेश चन्द (INC) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 21.2% वोट पाकर नत्थूपुर सीट जीती और राजेन्द्र (BSP) को 1,901 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 207 रूद्रपुर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 207 चिलकहर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। अमरेश चन्द 2.1% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
27 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अमरेश चन्द | 19,15921.2% | |
| 2 | राजेन्द्र | 17,25819.1% | |
| 3 | कृष्ण कान्त जनता दल | जनता दल | 13,86615.3% |
| 4 | सुधाकर JP | JP | 10,88412.1% |
| 5 | ईश्वर दत्त | 9,35810.4% | |
| 6 | जुलफेकार अहमद वाम दल | वाम दल | 5,1255.7% |
| 7 | राम अवध निर्दलीय | निर्दलीय | 3,2493.6% |
| 8 | परशुराम निर्दलीय | निर्दलीय | 2,6142.9% |
| 9 | बलदेव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9592.2% |
| 10 | बर्ज देव | 1,0751.2% | |
| 11 | राम बचन निर्दलीय | निर्दलीय | 9471.1% |
| 12 | डोमा निर्दलीय | निर्दलीय | 5660.6% |
| 13 | मान देव | 5240.6% | |
| 14 | उत्तम चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 4330.5% |
| 15 | गोधन निर्दलीय | निर्दलीय | 4300.5% |
| 16 | रामबाज निर्दलीय | निर्दलीय | 4180.5% |
| 17 | केशव निर्दलीय | निर्दलीय | 3860.4% |
| 18 | भिरगुन निर्दलीय | निर्दलीय | 3660.4% |
| 19 | राम अवध निर्दलीय | निर्दलीय | 3600.4% |
| 20 | सिकंदरा निर्दलीय | निर्दलीय | 2790.3% |
| 21 | सचींद्र निर्दलीय | निर्दलीय | 2310.3% |
| 22 | निर्मला निर्दलीय | निर्दलीय | 1800.2% |
| 23 | रणेंजर निर्दलीय | निर्दलीय | 1680.2% |
| 24 | कान्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 1480.2% |
| 25 | हज़ारा निर्दलीय | निर्दलीय | 1370.1% |
| 26 | कमरुद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 1240.1% |
| 27 | संजय निर्दलीय | निर्दलीय | 1150.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 56% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 7.32 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नत्थूपुर से कौन जीता, 1977–1996
INC ने 1989 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 28.7% से घटकर 21.2% रह गया। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1989 के 45.9% से घटकर 44.9% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट BSP ने जीती।