रूद्रपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
जय प्रकाश निषाद (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 21.6% वोट पाकर रूद्रपुर सीट जीती और राजभर रामा शंकर विद्यार्थी (JD) को 4,174 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 202 पडरौना थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 202 मुबारकपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। जय प्रकाश निषाद 4.9% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
22 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जय प्रकाश निषाद | 18,53921.6% | |
| 2 | राजभर रामा शंकर विद्यार्थी जनता दल | जनता दल | 14,36516.7% |
| 3 | मुक्ति नाथ यादव JP | JP | 12,54014.6% |
| 4 | भास्कर पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 12,26514.3% |
| 5 | संजीव कुमार सिंह | 9,34710.9% | |
| 6 | राजदेव निषाद | 8,3569.7% | |
| 7 | रामा शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 3,6444.2% |
| 8 | रविन्द्र बहादुर | 1,3541.6% | |
| 9 | राघो उर्फ़ माधव | 9021.1% | |
| 10 | मुन्नी उर्फ़ मुन्नी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 8621.0% |
| 11 | गोरख निर्दलीय | निर्दलीय | 6210.7% |
| 12 | बेचन प्रसाद निषाद निर्दलीय | निर्दलीय | 5120.6% |
| 13 | राम बरई SOP(RP) | SOP(RP) | 4720.6% |
| 14 | कन्हैया लाल यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 4000.5% |
| 15 | जय शंकर प्रसाद निषाद निर्दलीय | निर्दलीय | 2870.3% |
| 16 | उदय भान यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 2720.3% |
| 17 | राम राज निर्दलीय | निर्दलीय | 2510.3% |
| 18 | लाल जी सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2340.3% |
| 19 | जितेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2150.3% |
| 20 | छोटे सरकार निर्दलीय | निर्दलीय | 1980.2% |
| 21 | भृगु नाथ राज भड़ निर्दलीय | निर्दलीय | 1740.2% |
| 22 | जय प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 1480.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 53% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 7.15 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रूद्रपुर से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। यह 1974 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1989 के 44.4% से घटकर 42.2% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट SP ने जीती।
- 1974राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता (INC), जीत का अंतर 1.7%
- 1977प्रदीप कुमार (JNP), जीत का अंतर 22.1%
- 1980भास्कर पाण्डेय (INC(I)), जीत का अंतर 15.4%
- 1985गोरख नाथ (INC), जीत का अंतर 11.5%
- 1989भुक्ति नाथ (JD), जीत का अंतर 24.6%
- 1991जय प्रकाश निषाद (BJP), जीत का अंतर 4.9%
- 1993मुक्ति नाथ (SP), जीत का अंतर 6.0%
- 1996जय प्रकाश निषाद (BJP), जीत का अंतर 7.2%