सिसवाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
शिवेंद्र सिंह उर्फ़ शिव बाबू (INC) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 38.2% वोट पाकर सिसवा सीट जीती और उदय भान मल्ल (BJP) को 9,013 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 191 मानीराम थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 191 नत्थूपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
14 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शिवेंद्र सिंह उर्फ़ शिव बाबू | 38,00338.2% | |
| 2 | उदय भान मल्ल | 28,99029.2% | |
| 3 | जगदीश लाल जनता दल | जनता दल | 18,35718.5% |
| 4 | कन्हैया | 6,1296.2% | |
| 5 | राम चन्द्र बांका JP | JP | 2,7722.8% |
| 6 | जितेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0491.1% |
| 7 | राजेश निर्दलीय | निर्दलीय | 8390.8% |
| 8 | दाणी निर्दलीय | निर्दलीय | 7450.8% |
| 9 | राम प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 6200.6% |
| 10 | शारदा प्रसाद जायसवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 6170.6% |
| 11 | राम बहादुर निर्दलीय | निर्दलीय | 5100.5% |
| 12 | राम किरपाल | 2680.3% | |
| 13 | नर्वदेश्वर उर्फ़ झुन झुनिया निर्दलीय | निर्दलीय | 2440.3% |
| 14 | माधो राज निर्दलीय | निर्दलीय | 2290.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 86% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.70 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सिसवा से कौन जीता, 1974–1996
INC ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1985 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1989 के 58.7% से घटकर 55.4% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1974यादवेंद्र सिंह उर्फ़ लल्लन जी (INC), जीत का अंतर 26.2%
- 1977शारदा प्रसाद जायसवाल (JNP), जीत का अंतर 1.3%
- 1980यादवेन्द्र सिंह (लल्लन जी) (INC(U)), जीत का अंतर 26.1%
- 1985शिवेन्द्र सिंह उर्फ़ शिव बाबू (INC), जीत का अंतर 25.8%
- 1989जगदीश लाल (JD), जीत का अंतर 8.5%
- 1991शिवेंद्र सिंह उर्फ़ शिव बाबू (INC), जीत का अंतर 9.1%
- 1993शारदा प्रसाद (BJP), जीत का अंतर 6.0%
- 1996शिवेन्द्र सिंह उर्फ़ शिव बाबू (BSP), जीत का अंतर 13.6%