पिपराइचविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
लल्लन प्रसाद त्रिपाठी (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 39.2% वोट पाकर पिपराइच सीट जीती और केदार नाथ सिंह (JD) को 14,445 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 184 बासगावं थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 184 कसया है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — लल्लन प्रसाद त्रिपाठी 15.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
19 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | लल्लन प्रसाद त्रिपाठी | 35,69839.2% | |
| 2 | केदार नाथ सिंह जनता दल | जनता दल | 21,25323.4% |
| 3 | जमुना प्रसाद निषाद JP | JP | 10,56811.6% |
| 4 | जावेद अली | 10,37711.4% | |
| 5 | तिलक गुप्ता | 6,6957.4% | |
| 6 | सुबास निर्दलीय | निर्दलीय | 9391.0% |
| 7 | गंगा बिशुन भारद्वाज निर्दलीय | निर्दलीय | 8841.0% |
| 8 | पुष्पा देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 6430.7% |
| 9 | पारस नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 5540.6% |
| 10 | राम बिलास निर्दलीय | निर्दलीय | 5020.6% |
| 11 | रामानंद निर्दलीय | निर्दलीय | 4930.5% |
| 12 | मीना कुमारी | 4810.5% | |
| 13 | मुरारी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3420.4% |
| 14 | सिताई | 3350.4% | |
| 15 | मंगल प्रसाद | 2640.3% | |
| 16 | सफतुल्लाह खान निर्दलीय | निर्दलीय | 2640.3% |
| 17 | चौधरी राम प्यारे सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2550.3% |
| 18 | इंद्रावती देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 2440.3% |
| 19 | विश्वनाथ निषाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1820.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 74% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.15 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पिपराइच से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत लगभग 1989 जितना ही रहा: 53.0%। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।
- 1974मधुकर देघे (BKD), जीत का अंतर 2.7%
- 1977मधुकर दिधे (JNP), जीत का अंतर 35.6%
- 1980केदार नाथ सिंह (INC(U)), जीत का अंतर 6.4%
- 1985सय्यद जावेद अली (INC), जीत का अंतर 4.0%
- 1989केदार नाथ सिंह (JD), जीत का अंतर 10.6%
- 1991लल्लन प्रसाद त्रिपाठी (BJP), जीत का अंतर 15.9%
- 1993जितेन्द्र कुमार जायसवाल उर्फ़ पप्पू भैया (IND), जीत का अंतर 0.7%
- 1996जितेन्द्र कुमार जायसवाल उर्फ़ पप्पू भैया (IND), जीत का अंतर 7.2%