इटवाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
मोहम्मद मुकीम (INC) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 38.8% वोट पाकर इटवा सीट जीती और सोयंबर चौधरी उर्फ़ विश्वनाथ सिंह (BJP) को 2,437 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 171 बहादुरपुर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 171 सहजनवां है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। मोहम्मद मुकीम 2.3% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मोहम्मद मुकीम | 40,79038.8% | |
| 2 | सोयंबर चौधरी उर्फ़ विश्वनाथ सिंह | 38,35336.5% | |
| 3 | माता प्रसाद पाण्डेय JP | JP | 12,94712.3% |
| 4 | रिज़वानुल्लाह | 4,0063.8% | |
| 5 | उबैदुल बारी अब्बासी जनता दल | जनता दल | 2,5672.4% |
| 6 | परशु राम पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2832.2% |
| 7 | अब्बास निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0341.0% |
| 8 | विजय कृष्ण निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0111.0% |
| 9 | उमेश चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 8500.8% |
| 10 | राम सुभग | 5780.6% | |
| 11 | संत राम निर्दलीय | निर्दलीय | 5060.5% |
| 12 | शीतला प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1740.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.31 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
इटवा से कौन जीता, 1974–1996
INC ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1974 में जीत दर्ज की थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1989 के 59.1% से घटकर 55.1% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1974गोपिनाथ कामेश्वर पुरी (INC), जीत का अंतर 9.1%
- 1977विश्व नाथ पाण्डेय (JNP), जीत का अंतर 18.4%
- 1980माता प्रसाद पाण्डेय (JNP(SC)), जीत का अंतर 4.4%
- 1985माता प्रसाद पाण्डेय (LKD), जीत का अंतर 18.4%
- 1989माता प्रसाद पाण्डेय (JD), जीत का अंतर 2.6%
- 1991मोहम्मद मुकीम (INC), जीत का अंतर 2.3%
- 1993स्वयंवर चौधरी (BJP), जीत का अंतर 11.8%
- 1996मोहम्मद मुकीम (IND), जीत का अंतर 11.8%