नगर पूर्वविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
बीएड प्रकाश (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 30.1% वोट पाकर नगर पूर्व सीट जीती और गिरधारी लाल (JD) को 4,118 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 167 तरबगंज थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 167 मुंडेरा बाज़ार है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। बीएड प्रकाश 4.9% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बीएड प्रकाश | 25,33930.1% | |
| 2 | गिरधारी लाल जनता दल | जनता दल | 21,22125.2% |
| 3 | राम करण आर्य JP | JP | 13,56916.1% |
| 4 | कृपा शंकर | 10,09312.0% | |
| 5 | रजनी नारायण | 9,73511.6% | |
| 6 | लाले निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6111.9% |
| 7 | जैस राज | 1,3191.6% | |
| 8 | राम सूरत निर्दलीय | निर्दलीय | 8221.0% |
| 9 | विनोद प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 4090.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 71% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.79 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नगर पूर्व से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1989 के 44.8% से बढ़कर 45.9% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट SP ने जीती।
- 1974सोहन लाल धुसिया (INC), जीत का अंतर 14.1%
- 1977गिरधारी लाल (JNP), जीत का अंतर 32.3%
- 1980राम औध प्रसाद (INC(I)), जीत का अंतर 6.4%
- 1985राम जियावन (INC), जीत का अंतर 24.6%
- 1989राम करण आर्य (JD), जीत का अंतर 12.9%
- 1991बीएड प्रकाश (BJP), जीत का अंतर 4.9%
- 1993राम करण आर्य (SP), जीत का अंतर 17.4%
- 1996वेद प्रकाश (BSP), जीत का अंतर 7.0%