तुलसीपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
कमलेश कुमार (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 36.0% वोट पाकर तुलसीपुर सीट जीती और रिजवान जहीर खान उर्फ़ रिज़्ज़ू भैया (JP) को 4,935 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 155 बहराइच थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 155 इटवा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। कमलेश कुमार 4.8% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
30 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कमलेश कुमार | 37,38636.0% | |
| 2 | रिजवान जहीर खान उर्फ़ रिज़्ज़ू भैया JP | JP | 32,45131.3% |
| 3 | मंगल देव सिंह | 14,90414.4% | |
| 4 | अभय कुमार मणि तिवारी उर्फ़ बोस भैया | 3,9433.8% | |
| 5 | श्याम कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 3,1093.0% |
| 6 | अकील अहमद खान | 1,7701.7% | |
| 7 | जय प्रकाश वर्मा जनता दल | जनता दल | 1,6091.6% |
| 8 | अयोध्या प्रसाद वर्मा | 1,1741.1% | |
| 9 | रहमत उल्लाह निर्दलीय | निर्दलीय | 9280.9% |
| 10 | अब्दुल्लाह निर्दलीय | निर्दलीय | 8160.8% |
| 11 | का रब निर्दलीय | निर्दलीय | 5560.5% |
| 12 | मोहम्मद हसन निर्दलीय | निर्दलीय | 4920.5% |
| 13 | नौमान जहीर निर्दलीय | निर्दलीय | 4570.4% |
| 14 | अखिलेश्वर प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 4330.4% |
| 15 | राम उजागर निर्दलीय | निर्दलीय | 4130.4% |
| 16 | भृगु नाथ मिश्रा उर्फ़ मुन्नन निर्दलीय | निर्दलीय | 3710.4% |
| 17 | कमल धर उर्फ़ सकट राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3550.3% |
| 18 | महमूद निर्दलीय | निर्दलीय | 3000.3% |
| 19 | ए. अतुवाब शाह उर्फ़ तौवाब भाई निर्दलीय | निर्दलीय | 2930.3% |
| 20 | चरणजीत पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 2660.3% |
| 21 | जय भगवान उर्फ़ जय प्रकाश बंसल | 2580.3% | |
| 22 | नान बाबू यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 2570.3% |
| 23 | सुरेश कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2350.2% |
| 24 | मनोज कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2080.2% |
| 25 | ध्रुव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1830.2% |
| 26 | मंगल प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1750.2% |
| 27 | अनिल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1550.1% |
| 28 | प्रेम नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 1420.1% |
| 29 | परशु राम यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 890.1% |
| 30 | सुशील कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 810.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.98 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
तुलसीपुर से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1989 के 50.8% से बढ़कर 57.3% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट SP ने जीती।
- 1974मंगरे सिंह (BJS), जीत का अंतर 28.5%
- 1977मंगल देव (INC), जीत का अंतर 7.6%
- 1980मंगल देव (INC(I)), जीत का अंतर 13.7%
- 1985मंगल देव (INC), जीत का अंतर 16.5%
- 1989रिजवान जहीर उर्फ़ रिज़्ज़ू (IND), जीत का अंतर 5.0%
- 1991कमलेश कुमार (BJP), जीत का अंतर 4.8%
- 1993रिजवान जहीर खान उर्फ़ रज्जू भैया (SP), जीत का अंतर 10.9%
- 1996रिजवान जहीर उर्फ़ रिज्जू भैया (BSP), जीत का अंतर 8.1%