हल्द्वानीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
नारायण दत्त तिवारी (INC) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 41.0% वोट पाकर हल्द्वानी सीट जीती और तिलक राज (BJP) को 3,204 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 15 नैनीताल थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 15 कुंदरकी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। नारायण दत्त तिवारी 2.8% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
23 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नारायण दत्त तिवारी | 46,61441.0% | |
| 2 | तिलक राज | 43,41038.2% | |
| 3 | कश्तूरी लाल जनता दल | जनता दल | 9,4188.3% |
| 4 | हबीब अहमद | 7,1456.3% | |
| 5 | अब्दुल हमीद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4631.3% |
| 6 | बहादुर सिंह IPF | IPF | 1,3101.1% |
| 7 | निसार अहमद अंसारी निर्दलीय | निर्दलीय | 6470.6% |
| 8 | जग मोहन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5660.5% |
| 9 | रमेश कुमार JP | JP | 4080.4% |
| 10 | दिनेश राय निर्दलीय | निर्दलीय | 4070.4% |
| 11 | राम अवतार निर्दलीय | निर्दलीय | 3420.3% |
| 12 | सतीश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 3390.3% |
| 13 | धीरेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2610.2% |
| 14 | बी.के. घड़ियाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2370.2% |
| 15 | धनंजय कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1860.2% |
| 16 | हरेश चन्द्र भट्ट निर्दलीय | निर्दलीय | 1540.1% |
| 17 | गुरु प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 1410.1% |
| 18 | ममता निर्दलीय | निर्दलीय | 1380.1% |
| 19 | बलबीर सिंह | 1350.1% | |
| 20 | इन्द्र सिंह रावत निर्दलीय | निर्दलीय | 1250.1% |
| 21 | धर्म वीर निर्दलीय | निर्दलीय | 850.1% |
| 22 | महेश चन्द्र पन्त निर्दलीय | निर्दलीय | 500.0% |
| 23 | समसुद्दीन खान निर्दलीय | निर्दलीय | 340.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.07 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हल्द्वानी से कौन जीता, 1974–1996
INC ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1985 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 59.1% से घटकर 41.0% रह गया। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1989 के 47.9% से बढ़कर 49.1% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1974देव बहादुर सिंह (INC), जीत का अंतर 17.8%
- 1977देव बहादुर सिंह (INC), जीत का अंतर 15.0%
- 1980अकबर अहमद (INC(I)), जीत का अंतर 37.8%
- 1985मोती राम (INC), जीत का अंतर 42.6%
- 1989नारायण दत्त तिवारी (INC), जीत का अंतर 34.9%
- 1991नारायण दत्त तिवारी (INC), जीत का अंतर 2.8%
- 1993तिलकराज बेहड़ (BJP), जीत का अंतर 15.1%
- 1996तिलोक राज बेहड़ (BJP), जीत का अंतर 19.1%