नानपाराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
जय शंकर सिंह (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 51.5% वोट पाकर नानपारा सीट जीती और फजलुर रेहमान (BSP) को 23,238 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 149 फ़खरपुर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 149 हर्रैया है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — जय शंकर सिंह 24.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जय शंकर सिंह | 49,44651.5% | |
| 2 | फजलुर रेहमान | 26,20827.3% | |
| 3 | राम नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 7,0187.3% |
| 4 | अली बहादुर JP | JP | 6,4816.8% |
| 5 | अतहर हुसैन | 4,9485.2% | |
| 6 | कन्हैया लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4240.4% |
| 7 | सुमन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3600.4% |
| 8 | राम अधार | 3060.3% | |
| 9 | कृष्ण माधव निर्दलीय | निर्दलीय | 2720.3% |
| 10 | शंकर लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1860.2% |
| 11 | रमेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1760.2% |
| 12 | हैदर हुसैन निर्दलीय | निर्दलीय | 1730.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, BSP और एक निर्दलीय को 86% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.84 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नानपारा से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; BJP ने यहाँ पिछली बार 1980 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1989 के 49.2% से घटकर 48.6% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट BSP ने जीती।
- 1974फजलू रेहमान (CPI), जीत का अंतर 3.2%
- 1977फजलुर रेहमान अंसारी (CPI), जीत का अंतर 1.6%
- 1980जटा शंकर सिंह (BJP), जीत का अंतर 24.3%
- 1985देवता दीन (INC), जीत का अंतर 10.2%
- 1989देवता दीन (JD), जीत का अंतर 16.9%
- 1991जय शंकर सिंह (BJP), जीत का अंतर 24.2%
- 1993फजुर रहमान अंसारी (BSP), जीत का अंतर 6.5%
- 1996जटा शंकर (BJP), जीत का अंतर 12.8%