खटीमाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
लखन सिंह (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 35.9% वोट पाकर खटीमा सीट जीती और यशपाल (INC) को 1,755 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 14 रानीखेत थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 14 चंदौसी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। लखन सिंह 2.0% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | लखन सिंह | 30,96635.9% | |
| 2 | यशपाल | 29,21133.8% | |
| 3 | आनन्द प्रकाश | 10,94512.7% | |
| 4 | राम नगीना जनता दल | जनता दल | 10,53812.2% |
| 5 | जीत राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3221.5% |
| 6 | अमरीक सिंह JP | JP | 1,0291.2% |
| 7 | भारत राम निर्दलीय | निर्दलीय | 6890.8% |
| 8 | देवेन्द्र आर्य निर्दलीय | निर्दलीय | 5890.7% |
| 9 | चन्द्र मोहन निर्दलीय | निर्दलीय | 4250.5% |
| 10 | राम लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3620.4% |
| 11 | भगवान दास | 2880.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.64 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
खटीमा से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1989 के 45.1% से घटकर 43.8% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1974इन्द्र लाल (INC), जीत का अंतर 23.1%
- 1977श्रीचन्द्र (JNP), जीत का अंतर 4.1%
- 1980बिहारी लाल (INC(I)), जीत का अंतर 25.3%
- 1985सुरेश चन्द्र (INC), जीत का अंतर 63.3%
- 1989यश पाल (INC), जीत का अंतर 16.7%
- 1991लखन सिंह (BJP), जीत का अंतर 2.0%
- 1993यश पाल आर्य (INC), जीत का अंतर 7.7%
- 1996सुरेश चन्द्र आर्य (BJP), जीत का अंतर 13.3%