गौरीगंजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
तेज भान सिंह (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 34.5% वोट पाकर गौरीगंज सीट जीती और राज पति देवी (INC) को 189 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 122 अमेठी थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 122 रूदौली है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
गौरीगंज का फ़ैसला सिर्फ़ 0.3% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 189 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
24 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | तेज भान सिंह | 24,60634.5% | |
| 2 | राज पति देवी | 24,41734.2% | |
| 3 | शिव प्रसाद JP | JP | 6,6179.3% |
| 4 | जय नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 3,8015.3% |
| 5 | राम दुलार मौर्य जनता दल | जनता दल | 3,5645.0% |
| 6 | मुइबानुद्दीन | 3,3424.7% | |
| 7 | बद्री प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0861.5% |
| 8 | गौरी शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 5790.8% |
| 9 | गया राम निर्दलीय | निर्दलीय | 4360.6% |
| 10 | राम अवध निर्दलीय | निर्दलीय | 3400.5% |
| 11 | श्याम लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2960.4% |
| 12 | दया राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2630.4% |
| 13 | राम बहोर निर्दलीय | निर्दलीय | 2520.3% |
| 14 | अंगना निर्दलीय | निर्दलीय | 2490.3% |
| 15 | शिव नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 2310.3% |
| 16 | बाल गोबिन्द | 2250.3% | |
| 17 | राम लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2220.3% |
| 18 | मोहम्मद सय्यद निर्दलीय | निर्दलीय | 1840.3% |
| 19 | राजा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1780.3% |
| 20 | सुरेन्द्र बहादुर निर्दलीय | निर्दलीय | 1610.2% |
| 21 | राम बहादुर निर्दलीय | निर्दलीय | 1460.2% |
| 22 | राम लखन निर्दलीय | निर्दलीय | 1290.2% |
| 23 | विद्या प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 670.1% |
| 24 | सुरेश बहादुर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 440.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 78% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.97 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गौरीगंज से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1989 के 41.4% से घटकर 38.7% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974राजपति देवी (INC), जीत का अंतर 23.4%
- 1977तेज भान सिंह (JNP), जीत का अंतर 7.9%
- 1980राजपति देवी (INC(I)), जीत का अंतर 24.3%
- 1985राजपति देवी (INC), जीत का अंतर 5.9%
- 1989राजपति देवी (INC), जीत का अंतर 20.1%
- 1991तेज भान सिंह (BJP), जीत का अंतर 0.3%
- 1993तेज भान सिंह (BJP), जीत का अंतर 12.4%
- 1996तेज भान सिंह (BJP), जीत का अंतर 0.6%