पट्टीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
शिवा कान्त (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 29.1% वोट पाकर पट्टी सीट जीती और शक्ति सिंह (JD) को 3,335 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 120 बीरापुर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 120 मिल्कीपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। शिवा कान्त 3.6% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
27 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शिवा कान्त | 27,13729.1% | |
| 2 | शक्ति सिंह जनता दल | जनता दल | 23,80225.6% |
| 3 | राम लखन JP | JP | 13,41214.4% |
| 4 | राम शिरोमणि | 10,91311.7% | |
| 5 | सभजीत सिंह | 10,10410.9% | |
| 6 | शीतला प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1781.3% |
| 7 | राजा राम वाम दल | वाम दल | 1,0771.2% |
| 8 | दया शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 6180.7% |
| 9 | रविन्द्र नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 5620.6% |
| 10 | श्री राम निर्दलीय | निर्दलीय | 5080.6% |
| 11 | छोटे लाल पटेल SSD | SSD | 3710.4% |
| 12 | अशोक कुमार पुत्र शिव प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 3460.4% |
| 13 | बरखू निर्दलीय | निर्दलीय | 3420.4% |
| 14 | राम केदार निर्दलीय | निर्दलीय | 3260.3% |
| 15 | चन्द्र बली निर्दलीय | निर्दलीय | 3030.3% |
| 16 | अमर बहादुर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2640.3% |
| 17 | राम अभिलाख | 2330.3% | |
| 18 | सीता राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2320.3% |
| 19 | जमुना प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 2260.2% |
| 20 | राम सहाय सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1910.2% |
| 21 | बद्री प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1750.2% |
| 22 | मती उल्लाह निर्दलीय | निर्दलीय | 1590.2% |
| 23 | अशोक कुमार पुत्र राम अधार निर्दलीय | निर्दलीय | 1510.2% |
| 24 | राजेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1490.2% |
| 25 | अनिल निर्दलीय | निर्दलीय | 1170.1% |
| 26 | गया प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1090.1% |
| 27 | राम कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 750.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 69% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.07 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पट्टी से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1989 के 45.6% से घटकर 44.5% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट SP ने जीती।
- 1974प्रभाकर नाथ द्विवेदी (INC), जीत का अंतर 9.1%
- 1977राजपति मिश्र (JNP), जीत का अंतर 17.5%
- 1980वासुदेव सिंह (INC(I)), जीत का अंतर 15.1%
- 1985वासुदेव सिंह (INC), जीत का अंतर 16.9%
- 1989राम लखन (JD), जीत का अंतर 4.2%
- 1991शिवा कान्त (BJP), जीत का अंतर 3.6%
- 1993राम लखन (SP), जीत का अंतर 17.6%
- 1996राजेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ़ मोती सिंह (BJP), जीत का अंतर 24.2%