गड़वाराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
रमेश बहादुर सिंह (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 38.0% वोट पाकर गड़वारा सीट जीती और बृज नाथ पाल (JD) को 7,632 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 117 रामपुर ख़ास थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 117 टांडा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
24 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रमेश बहादुर सिंह | 27,25338.0% | |
| 2 | बृज नाथ पाल जनता दल | जनता दल | 19,62127.3% |
| 3 | राम नरेश शुकल | 8,00811.2% | |
| 4 | दाउद अंसारी | 7,37610.3% | |
| 5 | ओम प्रकाश पाण्डेय JP | JP | 3,5925.0% |
| 6 | राम प्रसाद | 8601.2% | |
| 7 | ओम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 6430.9% |
| 8 | चन्द्र देव निर्दलीय | निर्दलीय | 5270.7% |
| 9 | उदरेज बहादुर | 4080.6% | |
| 10 | रजवंत राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3680.5% |
| 11 | रमई राम SSD | SSD | 3570.5% |
| 12 | बलवंत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3560.5% |
| 13 | वीरेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 3240.5% |
| 14 | रशीद निर्दलीय | निर्दलीय | 2780.4% |
| 15 | वीरेन्द्र प्रताप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2680.4% |
| 16 | राम निहोर | 2480.3% | |
| 17 | इन्द्र सैन निर्दलीय | निर्दलीय | 2280.3% |
| 18 | राम नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 2170.3% |
| 19 | राम फेर निर्दलीय | निर्दलीय | 1860.3% |
| 20 | अजय मणि निर्दलीय | निर्दलीय | 1850.3% |
| 21 | भुवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1810.3% |
| 22 | सुरेन्द्र बहादुर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1240.2% |
| 23 | आधा प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1180.2% |
| 24 | राम आनन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 620.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 76% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.09 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गड़वारा से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1989 के 43.5% से घटकर 38.5% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974वासुदेव सिंह (INC), जीत का अंतर 9.1%
- 1977विद्या शंकर (JNP), जीत का अंतर 5.0%
- 1980राम नरेश शुक्ला (INC(I)), जीत का अंतर 21.5%
- 1985राम नरेश शुक्ला (INC), जीत का अंतर 30.6%
- 1989अरुण प्रताप सिंह (JD), जीत का अंतर 5.5%
- 1991रमेश बहादुर सिंह (BJP), जीत का अंतर 10.6%
- 1993रमेश बहादुर सिंह (BJP), जीत का अंतर 1.2%
- 1996राजाराम (JD), जीत का अंतर 2.8%