बागेश्वरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
पूरन चन्द्र (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 47.9% वोट पाकर बागेश्वर सीट जीती और गोपाल राम दास (INC) को 7,200 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 11 अल्मोड़ा थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 11 गंगेश्वरी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पूरन चन्द्र | 28,20447.9% | |
| 2 | गोपाल राम दास | 21,00435.7% | |
| 3 | दीवान राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2,8214.8% |
| 4 | नारायण राम दास UKD | UKD | 1,3912.4% |
| 5 | गिरिस लाल जनता दल | जनता दल | 1,3292.3% |
| 6 | रमेश प्रकाश | 1,1061.9% | |
| 7 | नन्दन राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0481.8% |
| 8 | टीका राम निर्दलीय | निर्दलीय | 6771.1% |
| 9 | रघुवर राम निर्दलीय | निर्दलीय | 4840.8% |
| 10 | खीम राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3060.5% |
| 11 | हरीश प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 2880.5% |
| 12 | शांति | 1870.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और एक निर्दलीय को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.77 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बागेश्वर से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1989 के 40.0% से घटकर 38.3% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1974सरस्वती टम्टा (INC), जीत का अंतर 17.2%
- 1977पूरन चन्द्र (JNP), जीत का अंतर 5.3%
- 1980गोपाल राम दास (INC(I)), जीत का अंतर 53.4%
- 1985गोपाल राम दास (INC), जीत का अंतर 37.6%
- 1989गोपालराम दास (INC), जीत का अंतर 23.2%
- 1991पूरन चन्द्र (BJP), जीत का अंतर 12.2%
- 1993राम प्रसाद (INC), जीत का अंतर 5.3%
- 1996नारायण राम दास (BJP), जीत का अंतर 28.9%