झलोतर अजगैनविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1962
श्री राम (INC) ने 1962 के विधान सभा चुनाव में 32.5% वोट पाकर झलोतर अजगैन सीट जीती और सजीवन लाल (CPI) को 1,795 वोटों से हराया।
1962 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 में सीट नंबर 98 अतरौली थी। 1962 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 से सीट नंबर 98 मियांगंज है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | श्री राम | 11,34032.5% | |
| 2 | सजीवन लाल वाम दल | वाम दल | 9,54527.4% |
| 3 | मुरली सिंह | 6,75519.4% | |
| 4 | शिव चरण निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3896.8% |
| 5 | सोहन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1883.4% |
| 6 | जय किशुन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0583.0% |
| 7 | शिव दुलारे SOC | SOC | 9602.8% |
| 8 | छविनाथ प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 9102.6% |
| 9 | अयोध्या प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 7522.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 79% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.41 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।