ज्वालापुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1962
सईद अहमद (INC) ने 1962 के विधान सभा चुनाव में 38.9% वोट पाकर ज्वालापुर सीट जीती और कविराज योगेन्द्र पाल (BJS) को 7,381 वोटों से हराया।
1962 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 में कोई सीट नंबर 426 नहीं थी। 1962 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 से कोई सीट नंबर 426 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
14.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सईद अहमद | 20,21738.9% | |
| 2 | कविराज योगेन्द्र पाल | 12,83624.7% | |
| 3 | काज़ी अब्दुल वली स्वतंत्र पार्टी | स्वतंत्र पार्टी | 10,50820.2% |
| 4 | गजेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4,9529.5% |
| 5 | ब्रह्म नन्द SOC | SOC | 1,9403.7% |
| 6 | घनश्याम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5813.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.79 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।