मुज़फ़्फ़राबादविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1962
सरदार सिंह (निर्दलीय) ने 1962 के विधान सभा चुनाव में 47.1% वोट पाकर मुज़फ़्फ़राबाद सीट जीती और महमूद अली खान (INC) को 5,091 वोटों से हराया।
1962 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 में कोई सीट नंबर 421 नहीं थी। 1962 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 से सीट नंबर 421 रुड़की है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सरदार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 22,05147.1% |
| 2 | महमूद अली खान | 16,96036.2% | |
| 3 | सुजन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9324.1% |
| 4 | बलदेव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7663.8% |
| 5 | मोहम्मद इसहाक निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7493.7% |
| 6 | पुन्नू लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3092.8% |
| 7 | बनारसी लाल | 6111.3% | |
| 8 | सोम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 4641.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय, INC और एक निर्दलीय को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.79 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1974 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1974 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।