फिरोजाबादविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1962
भगवान दास (REP) ने 1962 के विधान सभा चुनाव में 20.4% वोट पाकर फिरोजाबाद सीट जीती और जगदीश प्रसाद उपाध्याय (BJS) को 539 वोटों से हराया।
1962 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 में कोई सीट नंबर 362 नहीं थी। 1962 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 से सीट नंबर 362 आगरा पश्चिम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
फिरोजाबाद का फ़ैसला सिर्फ़ 0.9% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 539 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
17 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | भगवान दास REP | REP | 12,08620.4% |
| 2 | जगदीश प्रसाद उपाध्याय | 11,54719.4% | |
| 3 | आफताब अहमद खान | 10,99018.5% | |
| 4 | अख्तर हुसैन अंसारी निर्दलीय | निर्दलीय | 9,03615.2% |
| 5 | हाकिम सिंह | 5,3549.0% | |
| 6 | बुध देव वैद्य SOC | SOC | 3,5946.0% |
| 7 | बिहारी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4962.5% |
| 8 | नाहर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3192.2% |
| 9 | नाथू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 7451.3% |
| 10 | सरमन सिंह यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 5921.0% |
| 11 | हीरा लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 5370.9% |
| 12 | बाबू लाल पालीवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4380.7% |
| 13 | मवासी निर्दलीय | निर्दलीय | 4240.7% |
| 14 | बसंत लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3270.6% |
| 15 | उद्दय वीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3230.5% |
| 16 | हजारी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2980.5% |
| 17 | राम नाथ भटनागर निर्दलीय | निर्दलीय | 2720.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 58% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.66 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।