बुढ़ानाविधान सभा उपचुनाव का परिणाम, 1958
कमरू (INC) ने 1958 के विधान सभा उपचुनाव में 31.3% वोट पाकर बुढ़ाना सीट जीती और वी. पालसिंह (COM) को 1,570 वोटों से हराया।
1957 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1951 में सीट नंबर 29 ठाकुरद्वारा थी। 1957 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 से सीट नंबर 29 सम्भल है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। कमरू 4.1% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कमरू | 11,90231.3% | |
| 2 | वी. पालसिंह COM | COM | 10,33227.2% |
| 3 | एस. जंग निर्दलीय | निर्दलीय | 9,53225.1% |
| 4 | आर. सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,3368.8% |
| 5 | महावीर निर्दलीय | निर्दलीय | 2,8907.6% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.02 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बुढ़ाना से कौन जीता, 1957
- 1957कुंवर असगर अली (IND), जीत का अंतर 7.0%