हर्रैया पूर्वविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1957
सीता राम शुक्ला (INC) ने 1957 के विधान सभा चुनाव में 28.4% वोट पाकर हर्रैया पूर्व सीट जीती और भगवान सिंह (निर्दलीय) को 640 वोटों से हराया।
1957 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1951 में सीट नंबर 264 ज्ञानपुर पूर्व थी। 1957 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 से सीट नंबर 264 वाराणसी शहर उत्तर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
हर्रैया पूर्व का फ़ैसला सिर्फ़ 1.7% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 640 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सीता राम शुक्ला | 10,67328.4% | |
| 2 | भगवान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 10,03326.7% |
| 3 | राम मिलन सिंह | 7,03218.7% | |
| 4 | राम आसरे सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4,93013.1% |
| 5 | धर्म राज लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3,79710.1% |
| 6 | त्रिलोचन पन्त निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1193.0% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 74% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.65 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।