पडरौना पश्चिमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1957
बृज नन्दन (PSP) ने 1957 के विधान सभा चुनाव में 35.4% वोट पाकर पडरौना पश्चिम सीट जीती और मंगल उपाध्याय (INC) को 463 वोटों से हराया।
1957 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1951 में सीट नंबर 237 मड़ियाहूं उत्तर थी। 1957 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 से सीट नंबर 237 दोआब है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
पडरौना पश्चिम का फ़ैसला सिर्फ़ 1.7% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 463 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बृज नन्दन | 9,92035.4% | |
| 2 | मंगल उपाध्याय | 9,45733.8% | |
| 3 | संत बख्श सिंह | 3,10411.1% | |
| 4 | राम नरेश निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3968.6% |
| 5 | शारदा लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0217.2% |
| 6 | श्री किसुन | 1,1224.0% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.76 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।