कानपुर शहर IVविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1957
एस. जी. दत्ता (INC) ने 1957 के विधान सभा चुनाव में 45.4% वोट पाकर कानपुर शहर IV सीट जीती और संत सिंह युसुफ (CPI) को 4,324 वोटों से हराया।
1957 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1951 में सीट नंबर 160 बांदा थी। 1957 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 से सीट नंबर 160 तुलसीपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एस. जी. दत्ता | 15,57345.4% | |
| 2 | संत सिंह युसुफ | 11,24932.8% | |
| 3 | लक्ष्मी बहादुर | 4,89014.2% | |
| 4 | गुफरान वाहिद खान निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3083.8% |
| 5 | मोती लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 6752.0% |
| 6 | भगवती शंकर दीक्षित निर्दलीय | निर्दलीय | 6371.9% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, CPI और BJS को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.98 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।