बागपत पूर्वविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
हरख्याल सिंह (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 51.9% वोट पाकर बागपत पूर्व सीट जीती और मुन्शी राम (निर्दलीय) को 12,884 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 64 बिलारी है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — हरख्याल सिंह 30.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हरख्याल सिंह | 21,69551.9% | |
| 2 | मुन्शी राम निर्दलीय | निर्दलीय | 8,81121.1% |
| 3 | शील चन्द KMPP | KMPP | 6,21014.8% |
| 4 | सरूप लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4675.9% |
| 5 | उमराव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1532.8% |
| 6 | फेरू निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1192.7% |
| 7 | सलेक चन्द्र | 3510.8% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, एक निर्दलीय और KMPP को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.93 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।