बिजनौर दक्षिण सह धामपुर दक्षिण पश्चिमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
एस.के. शर्मा (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 28.2% वोट पाकर बिजनौर दक्षिण सह धामपुर दक्षिण पश्चिम सीट जीती और सदरुद्दीन (निर्दलीय) को 2,521 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 45 खुर्जा है।
विजेता
9.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एस.के. शर्मा | 7,8963.0% | |
| 2 | सदरुद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 5,3752.0% |
| 3 | करण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4,9071.9% |
| 4 | योगेन्द्र पाल | 4,4201.7% | |
| 5 | मगन देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9470.7% |
| 6 | छत्तर पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6050.6% |
| 7 | रघुनंदन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0940.4% |
| 8 | राम पाल सिंह SP | SP | 7590.3% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 7% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 479.48 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।