बिजनौर उत्तर सह नजीबाबाद पश्चिमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
अब्दुल लतीफ (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 51.3% वोट पाकर बिजनौर उत्तर सह नजीबाबाद पश्चिम सीट जीती और चेतराम सिंह (SP) को 13,933 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 43 सिकंदराबाद है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — अब्दुल लतीफ 36.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अब्दुल लतीफ | 19,55151.3% | |
| 2 | चेतराम सिंह SP | SP | 5,61814.7% |
| 3 | उमराव सिंह | 3,80710.0% | |
| 4 | मूल चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 3,5999.4% |
| 5 | केशो सरन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8564.9% |
| 6 | बाबू राम KMPP | KMPP | 1,2763.4% |
| 7 | जय प्रकाश गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 7391.9% |
| 8 | इस्लाम उल्लाह खान निर्दलीय | निर्दलीय | 7291.9% |
| 9 | बशीर अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 5901.6% |
| 10 | मगन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3661.0% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 76% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.25 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।