ग़ाज़ीपुर पश्चिमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
बिश्वनाथ सिंह गौतम (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 24.3% वोट पाकर ग़ाज़ीपुर पश्चिम सीट जीती और दलसिंगार (SP) को 3,255 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से कोई सीट नंबर 344 नहीं है।
विजेता
8.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बिश्वनाथ सिंह गौतम | 8,85524.3% | |
| 2 | दलसिंगार SP | SP | 5,60015.4% |
| 3 | पब्बर UPRSP | UPRSP | 4,68212.8% |
| 4 | अहमद हसन खान निर्दलीय | निर्दलीय | 4,40912.1% |
| 5 | बाबू रघुनाथ प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 3,95410.8% |
| 6 | चंद्रजीत | 2,7167.5% | |
| 7 | राम प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9955.5% |
| 8 | अनवारुल हसन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5174.2% |
| 9 | बिश्वनाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0462.9% |
| 10 | लक्ष्मी नारायण पाण्डेय RRP | RRP | 1,0352.8% |
| 11 | लक्ष्मी देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 6261.7% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 53% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 7.26 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।