रसड़ा पश्चिमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
गंगा प्रसाद सिंह (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 26.4% वोट पाकर रसड़ा पश्चिम सीट जीती और कपिलदेव सिंह (UPRSP) को 478 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 340 खीरी है।
विजेता
रसड़ा पश्चिम का फ़ैसला सिर्फ़ 1.4% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 478 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गंगा प्रसाद सिंह | 8,74526.4% | |
| 2 | कपिलदेव सिंह UPRSP | UPRSP | 8,26725.0% |
| 3 | शिव शंकर सिंह | 4,28312.9% | |
| 4 | राजेश्वर SP | SP | 3,32410.0% |
| 5 | फागू लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3,0089.1% |
| 6 | शिव बली निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4767.5% |
| 7 | राजदेव निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4357.4% |
| 8 | हिदायतउल्ला KMPP | KMPP | 5621.7% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 64% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.60 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।