हसनपुर दक्षिण सह संभल पश्चिमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
जगदीश प्रसाद (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 39.5% वोट पाकर हसनपुर दक्षिण सह संभल पश्चिम सीट जीती और मुन्शी (SP) को 5,494 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 33 बागपत है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — जगदीश प्रसाद 20.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जगदीश प्रसाद | 10,36839.5% | |
| 2 | मुन्शी SP | SP | 4,87418.6% |
| 3 | गणपत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,03811.6% |
| 4 | प्रकाश वीर निर्दलीय | निर्दलीय | 2,86710.9% |
| 5 | प्यारे लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5335.8% |
| 6 | राग़िब हुसैन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4515.5% |
| 7 | श्याम लाल KMPP | KMPP | 1,3725.2% |
| 8 | धर्मेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 7552.9% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 70% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.43 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।