सलेमपुर दक्षिणविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
बद्री नारायण (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 27.6% वोट पाकर सलेमपुर दक्षिण सीट जीती और सत्य देव (SP) को 3,438 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 312 डलमऊ है।
विजेता
12.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बद्री नारायण | 7,58827.6% | |
| 2 | सत्य देव SP | SP | 4,15015.1% |
| 3 | राज बंशी निर्दलीय | निर्दलीय | 3,79513.8% |
| 4 | बृज किशोर | 3,19611.6% | |
| 5 | केदार नाथ सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,94510.7% |
| 6 | केदार नाथ | 1,6235.9% | |
| 7 | स्वामी नाथ सिंह KMPP | KMPP | 1,5015.5% |
| 8 | राम नगीना RRP | RRP | 1,4425.3% |
| 9 | शशिकग्राम निर्दलीय | निर्दलीय | 7302.7% |
| 10 | राम नारायण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5191.9% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 57% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.52 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।