गोरखपुर दक्षिण पूर्वविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
अचैबर सिंह (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 66.7% वोट पाकर गोरखपुर दक्षिण पूर्व सीट जीती और कपिल देव (RRP) को 17,082 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 303 कोन्हडौर है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — अचैबर सिंह 58.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अचैबर सिंह | 19,43266.7% | |
| 2 | कपिल देव RRP | RRP | 2,3508.1% |
| 3 | सूरज नाथ SP | SP | 1,4685.0% |
| 4 | वरत मीणा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3944.8% |
| 5 | सुदामा सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3114.5% |
| 6 | सारधा नन्द त्रिपाठी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2264.2% |
| 7 | भवानी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1253.9% |
| 8 | श्यामा चरण KMPP | KMPP | 8102.8% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और RRP को 75% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.16 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।