गोंडा पूर्वविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
महनोत सज्जन देवी (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 37.5% वोट पाकर गोंडा पूर्व सीट जीती और अजोध्या प्रसाद (HMS) को 2,600 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 279 महादेवा है।
विजेता
8.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | महनोत सज्जन देवी | 11,6529.7% | |
| 2 | अजोध्या प्रसाद | 9,0527.5% | |
| 3 | ईश्वर सरन निर्दलीय | निर्दलीय | 4,6843.9% |
| 4 | रामेश्वर दत्त KMPP | KMPP | 2,1441.8% |
| 5 | प्रधान जोगेश्वर दयाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1070.9% |
| 6 | महादेवी SP | SP | 1,0080.8% |
| 7 | धोभाल श्रीधर प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 8100.7% |
| 8 | हर सरन निर्दलीय | निर्दलीय | 5930.5% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 21% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 58.81 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।