नानपारा दक्षिणविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
सैयद मोहम्मद सआदत अली खान (निर्दलीय) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 41.5% वोट पाकर नानपारा दक्षिण सीट जीती और जगदीश प्रसाद अग्रवाल (INC) को 970 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 270 बहराइच दक्षिण है।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। सैयद मोहम्मद सआदत अली खान 2.9% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सैयद मोहम्मद सआदत अली खान निर्दलीय | निर्दलीय | 13,84541.5% |
| 2 | जगदीश प्रसाद अग्रवाल | 12,87538.6% | |
| 3 | हनुमान प्रसाद | 1,3224.0% | |
| 4 | महमूद हसन KMPP | KMPP | 1,2673.8% |
| 5 | भगवती प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 9582.9% |
| 6 | चिन्ता राम RRP | RRP | 9542.9% |
| 7 | राम लखन | 6401.9% | |
| 8 | खलील अहमद शाह SP | SP | 5751.7% |
| 9 | मोहम्मद आबिद निर्दलीय | निर्दलीय | 5031.5% |
| 10 | शहेनशाह हुसैन खान निर्दलीय | निर्दलीय | 3981.2% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.06 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।