चकिया सह चंदौली दक्षिण पूर्वविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
1951–52 के विधान सभा चुनाव में चकिया सह चंदौली दक्षिण पूर्व से 2 सदस्य चुने गए: राम लखन (INC) और त्रिपाठी कमलापति (INC)।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 255 नौगढ़ है।
विजेता
6.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राम लखन | 24,48020.1% | |
| 2 | त्रिपाठी कमलापति | 21,77917.9% | |
| 3 | साहू सरजू प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 17,13914.1% |
| 4 | राजा राम SP | SP | 14,88012.2% |
| 5 | जय श्री SP | SP | 14,11311.6% |
| 6 | छत्रधारी RRP | RRP | 11,5309.5% |
| 7 | राम प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 6,9025.7% |
| 8 | पाण्डेय मुन्नानजी निर्दलीय | निर्दलीय | 6,2285.1% |
| 9 | बेचन | 4,6413.8% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 76% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 7.30 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।