इलाहाबाद शहर पूर्वविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
गणेश प्रसाद जायसवाल (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 46.2% वोट पाकर इलाहाबाद शहर पूर्व सीट जीती और के. के. भट्टाचार्य (KMPP) को 6,146 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 247 मानीराम है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — गणेश प्रसाद जायसवाल 20.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गणेश प्रसाद जायसवाल | 13,73246.2% | |
| 2 | के. के. भट्टाचार्य KMPP | KMPP | 7,58625.6% |
| 3 | बेनी प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 4,63915.6% |
| 4 | केदार नाथ गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0093.4% |
| 5 | किशोरी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 8112.7% |
| 6 | गंगा प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 6782.3% |
| 7 | लक्ष्मी नारायण माथुर निर्दलीय | निर्दलीय | 3001.0% |
| 8 | एम. सी. गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 2991.0% |
| 9 | एस. सिंह BPI | BPI | 2410.8% |
| 10 | सीता राम नारायण गुंथे निर्दलीय | निर्दलीय | 2280.8% |
| 11 | बैंकटेश शास्त्री | 1720.6% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.27 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।