फ़ैज़ाबाद पूर्वविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
1951–52 के विधान सभा चुनाव में फ़ैज़ाबाद पूर्व से 2 सदस्य चुने गए: नारायण दास (INC) और मदन गोपाल (INC)।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 229 सलेमपुर दक्षिण है।
विजेता
फ़ैज़ाबाद पूर्व का फ़ैसला सिर्फ़ 1.8% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,703 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नारायण दास | 19,83920.6% | |
| 2 | मदन गोपाल | 18,57419.2% | |
| 3 | नरेन्द्र देव आचार्य SP | SP | 18,13618.8% |
| 4 | बैरागी SP | SP | 14,49115.0% |
| 5 | मधु सूदन आचार्य RRP | RRP | 10,14810.5% |
| 6 | जवाहर नाथ सप्रू निर्दलीय | निर्दलीय | 6,6496.9% |
| 7 | मोहन RRP | RRP | 4,7284.9% |
| 8 | महाबीर निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0222.1% |
| 9 | जानकी सरन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9462.0% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.41 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।