बीकापुर पूर्वविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
अवधेश प्रताप सिंह (निर्दलीय) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 22.7% वोट पाकर बीकापुर पूर्व सीट जीती और महादेव (निर्दलीय) को 1 वोट से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 225 अतरौलिया है।
विजेता
बीकापुर पूर्व का फ़ैसला सिर्फ़ 0.0% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच सिर्फ़ एक वोट का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अवधेश प्रताप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5,97022.7% |
| 2 | महादेव निर्दलीय | निर्दलीय | 5,96922.7% |
| 3 | मदन मोहन वर्मा | 5,96622.7% | |
| 4 | एस. एम. पी. सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5,41720.6% |
| 5 | लालता प्रसाद KMPP | KMPP | 1,5015.7% |
| 6 | राम प्रसाद सिंह SP | SP | 1,4265.4% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 68% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.90 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।