प्रतापगढ़ पूर्वविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
भगवती प्रसाद शुक्ला (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 53.2% वोट पाकर प्रतापगढ़ पूर्व सीट जीती और त्रिलोक नाथ राय (निर्दलीय) को 8,841 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 209 मोहम्मदाबाद है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — भगवती प्रसाद शुक्ला 32.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | भगवती प्रसाद शुक्ला | 14,48813.3% | |
| 2 | त्रिलोक नाथ राय निर्दलीय | निर्दलीय | 5,6475.2% |
| 3 | शिव कुमार उर्फ़ मयूरजी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3382.1% |
| 4 | राम बहादुर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0451.9% |
| 5 | हरपाल SP | SP | 1,0410.9% |
| 6 | रघुनंदन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 5130.5% |
| 7 | अता उल्लाह KMPP | KMPP | 4700.4% |
| 8 | बाबू अमर बहादुर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3810.3% |
| 9 | रसीक बिहारी निर्दलीय | निर्दलीय | 3050.3% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 21% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 47.08 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।