पश्चिमी दून दक्षिण सह पूर्वी दूनविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
नर देव शास्त्री (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 59.9% वोट पाकर पश्चिमी दून दक्षिण सह पूर्वी दून सीट जीती और जगमोहन स्वरूप (BJS) को 14,286 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 2 अल्मोड़ा है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — नर देव शास्त्री 44.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नर देव शास्त्री | 19,03126.7% | |
| 2 | जगमोहन स्वरूप | 4,7456.7% | |
| 3 | गोपाल दत्त डिमरी SP | SP | 3,4064.8% |
| 4 | रघुबीर सिंह | 1,1171.6% | |
| 5 | काली राम निर्दलीय | निर्दलीय | 7711.1% |
| 6 | कृष्ण चन्द्र सिंघल निर्दलीय | निर्दलीय | 7561.1% |
| 7 | पीताम्बर दत्त निर्दलीय | निर्दलीय | 6690.9% |
| 8 | आनन्द स्वरूप गर्ग निर्दलीय | निर्दलीय | 3640.5% |
| 9 | हर भगवान | 2890.4% | |
| 10 | पी.के. गर्ग निर्दलीय | निर्दलीय | 2690.4% |
| 11 | महावीर प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 2650.4% |
| 12 | बृज लाल भंडारी निर्दलीय | निर्दलीय | 1130.2% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 38% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 12.73 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।