लखनऊ मध्यविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
1951–52 के विधान सभा चुनाव में लखनऊ मध्य से 2 सदस्य चुने गए: हरीश चन्द्र बाजपेयी (INC) और राम शंकर रबिवासी (INC)।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 199 गड़वारा है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — हरीश चन्द्र बाजपेयी 20.0% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हरीश चन्द्र बाजपेयी | 23,07328.0% | |
| 2 | राम शंकर रबिवासी | 19,46523.7% | |
| 3 | गया परशाद कुरील | 6,6428.1% | |
| 4 | गुलाब दास KMPP | KMPP | 6,1807.5% |
| 5 | त्रिलोकी सिंह KMPP | KMPP | 6,0737.4% |
| 6 | गया परशाद गुप्ता UPPP | UPPP | 4,9996.1% |
| 7 | रघु राज सिंह SP | SP | 4,9546.0% |
| 8 | संत राम UPPP | UPPP | 3,9454.8% |
| 9 | मैकू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5983.2% |
| 10 | शिव कुमार द्विवेदी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4012.9% |
| 11 | सुरेन्द्र नाथ RRP | RRP | 1,9562.4% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 77% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.09 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।