सीतापुर (पूर्व)विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
हाकिम बशीर अहमद (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 36.2% वोट पाकर सीतापुर (पूर्व) सीट जीती और बिशुन कुमार (SP) को 3,324 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 192 कोलअसला है।
विजेता
14.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हाकिम बशीर अहमद | 8,25936.2% | |
| 2 | बिशुन कुमार SP | SP | 4,93521.6% |
| 3 | अब्दुल मोबीन निर्दलीय | निर्दलीय | 4,12618.1% |
| 4 | गजराज सिंह | 2,1139.3% | |
| 5 | पुण्य दत्त निर्दलीय | निर्दलीय | 9154.0% |
| 6 | त्रिभुवन नाथ मिश्र RRP | RRP | 6582.9% |
| 7 | राम प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 5832.6% |
| 8 | गुर चरण लाल शैदा निर्दलीय | निर्दलीय | 4702.1% |
| 9 | मौलाना मोहम्मद कासिम KMPP | KMPP | 4241.9% |
| 10 | नवाबजादा सफदर अली खान UPPP | UPPP | 3121.4% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 76% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.47 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।