फ़र्रुख़ाबाद पश्चिम सह छिबरामऊविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
मथुरा प्रसाद (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 40.7% वोट पाकर फ़र्रुख़ाबाद पश्चिम सह छिबरामऊ सीट जीती और कोटवाल सिंह (SP) को 397 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 128 भोगॉव है।
विजेता
फ़र्रुख़ाबाद पश्चिम सह छिबरामऊ का फ़ैसला सिर्फ़ 1.0% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 397 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मथुरा प्रसाद | 16,76119.1% | |
| 2 | कोटवाल सिंह SP | SP | 16,36418.6% |
| 3 | जय देव निर्दलीय | निर्दलीय | 3,7904.3% |
| 4 | जगदीश प्रसाद | 2,0552.3% | |
| 5 | महेश प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6141.8% |
| 6 | शांति देव KMPP | KMPP | 5900.7% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 42% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 13.50 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।