धर्मनगरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2023
बिश्व बंधु सेन (BJP) ने 2023 के विधान सभा चुनाव में 49.4% वोट पाकर धर्मनगर सीट जीती और चयन भट्टाचार्य (INC) को 1,098 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 56 कंचनपुर थी। 2013 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं; इस सीट का नंबर और नाम वही रहा। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। बिश्व बंधु सेन 2.9% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बिश्व बंधु सेन BJP + IPFT (NDA गठबंधन) | BJP + IPFT (NDA गठबंधन) | 18,68449.4% |
| 2 | चयन भट्टाचार्य | 17,58646.5% | |
| 3 | सौरभ गोस्वामी निर्दलीय | निर्दलीय | 6581.7% |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 4441.2% |
| 4 | बिबश रंजन दास निर्दलीय | निर्दलीय | 2030.5% |
| 5 | नरेंदु दास निर्दलीय | निर्दलीय | 1580.4% |
| 6 | संजय चौधुरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1280.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
कम मतदान प्रतिशत (54वाँ), औसत से ज़्यादा नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में त्रिपुरा की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
त्रिपुरा में सबसे कम मतदान वाली सीटों में (60 सीटों में ऊपर से 54वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.17 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
त्रिपुरा की 60 सीटों में ऊपर से 41वाँ
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.38 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
उत्तर त्रिपुरा ज़िला · 6.9 लाख लोग · जनगणना 2011
अगर तेल और चाय के लिए प्रसिद्ध।
यह ज़िलाटूटी रेखा = भारत
यहाँ कौन रहता है?
यहाँ कौन-कौन से धर्म माने जाते हैं?
- हिंदू73.2%
- मुस्लिम15.2%
- ईसाई6.3%
- बौद्ध5.0%
- जैन<0.1%
- सिख<0.1%
- अन्य धर्म (आदिवासी आस्थाओं समेत)<0.1%
- नहीं बताया0.1%
नल में पानी, बिजली और शौचालय वाले घर
सेहत और परिवार
आसपास के प्रसिद्ध स्थान
प्रसिद्ध स्थानों के आँकड़े: Wikidata (CC0) · ASI (भारत सरकार, आधिकारिक)। तस्वीरें: Wikimedia Commons (हर फ़ाइल का अपना CC / पब्लिक-डोमेन लाइसेंस, हर फ़ाइल देखें)। नक्शे का डेटा © OpenStreetMap contributors.
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
धर्मनगर से कौन जीता, 1977–2023
BJP ने 2018 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 58.2% से घटकर 49.4% रह गया। यह 2003 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2018 के 88.5% से घटकर 83.6% रह गया।
- 1977अमरेंद्र शर्मा (CPM), जीत का अंतर 29.9%
- 1983अमरेंद्र शर्मा (CPM), जीत का अंतर 12.3%
- 1988कालिदास दत्त (INC), जीत का अंतर 6.8%
- 1993अमिताय दत्त (CPM), जीत का अंतर 11.5%
- 1998अमिताभ दत्ता (CPM), जीत का अंतर 4.8%
- 2003अमिताभ दत्ता (CPM), जीत का अंतर 1.8%
- 2008बिश्व बंधु सेन (INC), जीत का अंतर 7.8%
- 2013बिस्वबंधु सेन (INC), जीत का अंतर 5.2%
- 2018बिस्वबंधु सेन (BJP), जीत का अंतर 19.9%
- 2023बिश्व बंधु सेन (BJP), जीत का अंतर 2.9%
त्रिपुरा में अगला चुनाव फ़रवरी 2028 में होना है। त्रिपुरा 2028 चुनाव का अपना अनुमान बनाइए →