येरकाडविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2011
पेरुमल सी. (ADMK) ने 2011 के विधान सभा चुनाव में 58.1% वोट पाकर येरकाड सीट जीती और तमिलसेल्वन सी. (DMK) को 37,582 वोटों से हराया।
2011 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2006 में सीट नंबर 83 पेन्नागरम थी। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — पेरुमल सी. 20.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पेरुमल सी. अन्नाद्रमुक के नेतृत्व वाला गठबंधन | अन्नाद्रमुक के नेतृत्व वाला गठबंधन | 1,04,22158.1% |
| 2 | तमिलसेल्वन सी. | 66,63937.1% | |
| 3 | सेल्वम एल. निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4371.4% |
| 4 | राजसेल्वम पी. | 2,2661.3% | |
| 5 | महेश्वरन के. IJK | IJK | 2,1851.2% |
| 6 | शिवकुमार एस. निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7441.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
ADMK और DMK को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.10 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
सेलम ज़िला · 34.8 लाख लोग · जनगणना 2011
सेलम रेशम और चांदी के गहने के लिए प्रसिद्ध।
यह ज़िलाटूटी रेखा = भारत
यहाँ कौन रहता है?
यहाँ कौन-कौन से धर्म माने जाते हैं?
- हिंदू95.5%
- मुस्लिम2.7%
- ईसाई1.6%
- जैन<0.1%
- सिख<0.1%
- अन्य धर्म (आदिवासी आस्थाओं समेत)<0.1%
- नहीं बताया0.1%
नल में पानी, बिजली और शौचालय वाले घर
सेहत और परिवार
आसपास के प्रसिद्ध स्थान
2 प्रसिद्ध स्थानप्रसिद्ध स्थानों के आँकड़े: Wikidata (CC0) · ASI (भारत सरकार, आधिकारिक)। तस्वीरें: Wikimedia Commons (हर फ़ाइल का अपना CC / पब्लिक-डोमेन लाइसेंस, हर फ़ाइल देखें)। नक्शे का डेटा © OpenStreetMap contributors.
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
येरकाड से कौन जीता, 2011–2026
इसके बाद 2016 के चुनाव में भी ADMK ने यह सीट अपने पास रखी।
