मोरप्पूरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2006
मुल्लईवेंदन वी. (DMK) ने 2006 के विधान सभा चुनाव में 51.2% वोट पाकर मोरप्पूर सीट जीती और सिंगारम के. (ADMK) को 13,191 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 80 मेट्टूर थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 80 कल्लाकुरिची है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मुल्लईवेंदन वी. डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव अलायंस (DPA, तमिलनाडु) (UPA गठबंधन) | डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव अलायंस (DPA, तमिलनाडु) (UPA गठबंधन) | 64,96251.2% |
| 2 | सिंगारम के. | 51,77140.8% | |
| 3 | सरवणन एस. | 4,9323.9% | |
| 4 | पथमनापन आर. निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1161.7% |
| 5 | जयकुमार एस. | 1,7921.4% | |
| 6 | थिरुमूर्ति एस. | 1,2111.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
DMK, ADMK और DMDK को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.32 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.07 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मोरप्पूर से कौन जीता, 1977–2006
DMK ने यह सीट ADMK से छीन ली, जिसने इसे 2001 में जीता था; DMK ने यहाँ पिछली बार 1996 में जीत दर्ज की थी। यह 1989 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2001 के 61.1% से बढ़कर 73.3% हो गया।
- 1977एन. कुप्पुसामी (ADK), जीत का अंतर 2.4%
- 1980कुप्पुसामी, एन. (ADK), जीत का अंतर 17.4%
- 1984तीर्थगिरि गौंडर टी. (INC), जीत का अंतर 15.7%
- 1989मुल्लईवेंथन, वी. (DMK), जीत का अंतर 10.2%
- 1991के. सिंगारम (ADK), जीत का अंतर 29.4%
- 1996मुल्लईवेंथन, वी. (DMK), जीत का अंतर 25.6%
- 2001पलानीअप्पन पी. (ADMK), जीत का अंतर 21.1%
- 2006मुल्लईवेंदन वी. (DMK), जीत का अंतर 10.4%