कृष्णागिरिविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2006
सेंगुट्टुवन टी. (DMK) ने 2006 के विधान सभा चुनाव में 49.2% वोट पाकर कृष्णागिरि सीट जीती और गोविंदराज वी. (ADMK) को 18,195 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 77 धर्मापुरी थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 77 उलुंदूरपेट्टई है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
13.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सेंगुट्टुवन टी. डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव अलायंस (DPA, तमिलनाडु) (UPA गठबंधन) | डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव अलायंस (DPA, तमिलनाडु) (UPA गठबंधन) | 69,06849.2% |
| 2 | गोविंदराज वी. | 50,87336.3% | |
| 3 | गोविंदराज आर. | 10,8947.8% | |
| 4 | डेविट पी. | 1,9131.4% | |
| 5 | राजू वी. निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8411.3% |
| 6 | अबिमन्नन सी. | 1,6721.2% | |
| 7 | रमेश एस. निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1000.8% |
| 8 | चेन्नइयन सी. निर्दलीय | निर्दलीय | 9380.7% |
| 9 | मुनावरीबेगम एस. | 8120.6% | |
| 10 | कृष्णमूर्ति राव वी.एम. निर्दलीय | निर्दलीय | 5940.4% |
| 11 | गुरु राजन एम. आर. UCPI | UCPI | 5660.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
DMK, ADMK और DMDK को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.63 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कृष्णागिरि से कौन जीता, 1977–2006
DMK ने यह सीट ADMK से छीन ली, जिसने इसे 2001 में जीता था; DMK ने यहाँ पिछली बार 1996 में जीत दर्ज की थी। यह 1980 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2001 के 59.5% से बढ़कर 71.2% हो गया।
- 1977के.आर. चिन्नरासु (ADK), जीत का अंतर 9.0%
- 1980चिन्नरसु, के. आर. (ADK), जीत का अंतर 3.2%
- 1984चिन्नराजू के.आर. (ADK), जीत का अंतर 14.9%
- 1989कंचना, के. (DMK), जीत का अंतर 15.7%
- 1991मुनिवेंकटप्पन के. (ADK), जीत का अंतर 43.9%
- 1996कंचना कमलनाथन (DMK), जीत का अंतर 33.6%
- 2001गोविंदरसु वी. (ADMK), जीत का अंतर 18.9%
- 2006सेंगुट्टुवन टी. (DMK), जीत का अंतर 13.0%