श्रीपेरूम्बुडुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2006
यशोदा डी. (INC) ने 2006 के विधान सभा चुनाव में 43.8% वोट पाकर श्रीपेरूम्बुडुर सीट जीती और बालकृष्णन के. (VCK) को 17,794 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 27 तिरुथानी थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 27 शोझिंगनल्लूर (शोऴिंगनल्लूर) है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।ऴ: तमिल और मलयालम की 'ழ' / 'ഴ' ध्वनि (ल और ड़ के बीच की है)
विजेता
11.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | यशोदा डी. डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव अलायंस (DPA, तमिलनाडु) (UPA गठबंधन) | डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव अलायंस (DPA, तमिलनाडु) (UPA गठबंधन) | 70,06643.8% |
| 2 | बालकृष्णन के. | 52,27232.7% | |
| 3 | पलानी सी. | 30,09618.8% | |
| 4 | शिवकुमार जी. | 2,8661.8% | |
| 5 | रंगनाथन आर. निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8031.1% |
| 6 | अनबऴगन ए. निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3500.8% |
| 7 | कदिरवेलु एम. निर्दलीय | निर्दलीय | 9110.6% |
| 8 | षणमुगम वी.के. निर्दलीय | निर्दलीय | 6780.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, VCK और DMDK को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.99 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
श्रीपेरूम्बुडुर से कौन जीता, 1977–2006
INC ने 2001 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 49.9% से घटकर 43.8% रह गया। यह 1989 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2001 के 63.5% से बढ़कर 67.0% हो गया।
- 1977एन. कृष्णन (ADK), जीत का अंतर 12.1%
- 1980डी. यशोदा (INC(I)), जीत का अंतर 8.6%
- 1984यशोदा, डी. (INC), जीत का अंतर 13.7%
- 1989ई. कोदंडम (DMK), जीत का अंतर 7.0%
- 1991पोलूर वरदन (INC), जीत का अंतर 31.1%
- 1996कोदंडम, ई. (DMK), जीत का अंतर 29.9%
- 2001यशोदा डी. (INC), जीत का अंतर 12.2%
- 2006यशोदा डी. (INC), जीत का अंतर 11.1%