कुंभकोणमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2006
मणि को सी (DMK) ने 2006 के विधान सभा चुनाव में 52.2% वोट पाकर कुंभकोणम सीट जीती और यिरामनाथन रामा (ADMK) को 14,141 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 187 ओरथनाडु थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 187 मानामदुरई है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मणि को सी डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव अलायंस (DPA, तमिलनाडु) (UPA गठबंधन) | डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव अलायंस (DPA, तमिलनाडु) (UPA गठबंधन) | 65,30552.2% |
| 2 | यिरामनाथन रामा | 51,16440.9% | |
| 3 | देवदास (कुप्पल) जी. | 5,1954.2% | |
| 4 | कोदंडरामन आर. | 1,6291.3% | |
| 5 | वेंकटरमणि आर. निर्दलीय | निर्दलीय | 8240.7% |
| 6 | रामकृष्णन टी. | 5300.4% | |
| 7 | शंकरनारायणन ए. | 3910.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
DMK और ADMK को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.26 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.21 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कुंभकोणम से कौन जीता, 1977–2006
DMK ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1996 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 51.2% से बढ़कर 52.2% हो गया। मतदान प्रतिशत 2001 के 60.1% से बढ़कर 75.2% हो गया।
- 1977एस.आर. यिराधा (ADK), जीत का अंतर 3.7%
- 1980पकीर मुहम्मद, ई. एस. एम. (INC(I)), जीत का अंतर 12.0%
- 1984कृष्णमूर्ति, के. (INC), जीत का अंतर 41.7%
- 1989मणि के.एस. (DMK), जीत का अंतर 7.3%
- 1991यिरामनाथन आर. (ADK), जीत का अंतर 35.2%
- 1996मणि के.एस. (DMK), जीत का अंतर 31.2%
- 2001मणि को सी (DMK), जीत का अंतर 5.5%
- 2006मणि को सी (DMK), जीत का अंतर 11.3%