थिरुवैयारुविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2006
चंद्रशेखरन दुरई (DMK) ने 2006 के विधान सभा चुनाव में 45.9% वोट पाकर थिरुवैयारु सीट जीती और गोविंदराजन दुरई (ADMK) को 366 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 184 थिरुथुरईपूंडी थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 184 कारैकुडी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
थिरुवैयारु का फ़ैसला सिर्फ़ 0.3% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 366 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
ऴ: तमिल और मलयालम की 'ழ' / 'ഴ' ध्वनि (ल और ड़ के बीच की है)
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चंद्रशेखरन दुरई डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव अलायंस (DPA, तमिलनाडु) (UPA गठबंधन) | डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव अलायंस (DPA, तमिलनाडु) (UPA गठबंधन) | 52,72345.9% |
| 2 | गोविंदराजन दुरई | 52,35745.6% | |
| 3 | महेंद्रन एन. | 6,4205.6% | |
| 4 | कुमारवेलु सी. | 1,2461.1% | |
| 5 | सुरेश टी. | 8680.8% | |
| 6 | राजेश के. निर्दलीय | निर्दलीय | 6880.6% |
| 7 | मतियऴगन ए. निर्दलीय | निर्दलीय | 5960.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
DMK, ADMK और DMDK को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.37 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
थिरुवैयारु से कौन जीता, 1977–2006
DMK ने यह सीट ADMK से छीन ली, जिसने इसे 2001 में जीता था; DMK ने यहाँ पिछली बार 1996 में जीत दर्ज की थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2001 के 64.8% से बढ़कर 76.6% हो गया।
- 1977जी. यिलंगोवन (DMK), जीत का अंतर 6.9%
- 1980सुब्रमण्यन, एम. (ADK), जीत का अंतर 12.5%
- 1984दुरई गोविंदराजन (ADK), जीत का अंतर 15.5%
- 1989चंद्रशेखरन दुरई (DMK), जीत का अंतर 11.0%
- 1991कालैपेरुमाल पी. (ADK), जीत का अंतर 21.1%
- 1996चंद्रशेखरन डी. (DMK), जीत का अंतर 26.5%
- 2001अय्यारू वांडयार के. (ADMK), जीत का अंतर 15.4%
- 2006चंद्रशेखरन दुरई (DMK), जीत का अंतर 0.3%