मयूरमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2006
राजकुमार एस. (INC) ने 2006 के विधान सभा चुनाव में 46.3% वोट पाकर मयूरम सीट जीती और महालिंगम एम. (MDMK) को 1,578 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 171 पापनाशम थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 171 कुंभकोणम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
मयूरम का फ़ैसला सिर्फ़ 1.4% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,578 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राजकुमार एस. डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव अलायंस (DPA, तमिलनाडु) (UPA गठबंधन) | डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव अलायंस (DPA, तमिलनाडु) (UPA गठबंधन) | 53,49046.3% |
| 2 | महालिंगम एम. | 51,91244.9% | |
| 3 | राजेंदर टी. विजया निर्दलीय | निर्दलीय | 4,3463.8% |
| 4 | थवमणि पी. | 2,2772.0% | |
| 5 | वासुदेवन पी. | 1,3271.1% | |
| 6 | मुथुसामी पी. | 6240.5% | |
| 7 | अमीनुल्लाह एस. TNJC | TNJC | 5310.5% |
| 8 | राजेंद्रन एस. निर्दलीय | निर्दलीय | 4070.3% |
| 9 | सुब्रमणियन ए. | 3900.3% | |
| 10 | वासुदेवन जे. निर्दलीय | निर्दलीय | 3080.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, MDMK और एक निर्दलीय को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.39 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मयूरम से कौन जीता, 1977–2006
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 2001 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1991 में जीत दर्ज की थी। यह 1980 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2001 के 60.4% से बढ़कर 72.7% हो गया।
- 1977एन. किट्टप्पा (DMK), जीत का अंतर 11.3%
- 1980किट्टप्पा, एन. (DMK), जीत का अंतर 0.9%
- 1984एम. थंगामणि (ADK), जीत का अंतर 4.6%
- 1989सेंगुट्टुवन ए. (DMK), जीत का अंतर 14.8%
- 1991एम. एम. एस. अबुल हसन (INC), जीत का अंतर 23.7%
- 1996अबुल हसन, एम.एम.एस. (TMC(M)), जीत का अंतर 33.5%
- 2001वीरपांडियन जगा (BJP), जीत का अंतर 2.4%
- 2006राजकुमार एस. (INC), जीत का अंतर 1.4%