पोंगलूरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2006
मणि एस. (DMK) ने 2006 के विधान सभा चुनाव में 41.7% वोट पाकर पोंगलूर सीट जीती और दामोदरन पी.वी. (ADMK) को 53 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में भी सीट नंबर 114 का नाम पोंगलूर था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 114 तिरुप्पुर (दक्षिण) है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
पोंगलूर का फ़ैसला सिर्फ़ 0.1% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 53 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मणि एस. डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव अलायंस (DPA, तमिलनाडु) (UPA गठबंधन) | डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव अलायंस (DPA, तमिलनाडु) (UPA गठबंधन) | 47,70241.7% |
| 2 | दामोदरन पी.वी. | 47,64941.7% | |
| 3 | रमेश सी. | 7,8676.9% | |
| 4 | उत्रकुमार पी. | 5,9155.2% | |
| 5 | गोविंदसामी एस. निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3292.0% |
| 6 | सतीशकुमार एल. | 1,4141.2% | |
| 7 | उमर अली डी. निर्दलीय | निर्दलीय | 7580.7% |
| 8 | कार्तिकेयन पोन. निर्दलीय | निर्दलीय | 7170.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
DMK, ADMK और DMDK को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.81 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पोंगलूर से कौन जीता, 1977–2006
DMK ने यह सीट ADMK से छीन ली, जिसने इसे 2001 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह DMK की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2001 के 67.9% से बढ़कर 74.0% हो गया।
- 1977के. नाचिमुथु (ADK), जीत का अंतर 2.5%
- 1980कंदस्वामी, पी. (ADK), जीत का अंतर 20.0%
- 1984कंदस्वामी पी. (ADK), जीत का अंतर 19.4%
- 1989बालसुब्रमणियम, एस.आर. (INC), जीत का अंतर 0.5%
- 1991बालसुब्रमणियम एस.आर. (INC), जीत का अंतर 42.6%
- 1996मोहन कंदस्वामी, पी. (TMC(M)), जीत का अंतर 22.5%
- 2001दामोदरन पी.वी. (ADMK), जीत का अंतर 20.4%
- 2006मणि एस. (DMK), जीत का अंतर 0.1%